परिवार मे चु@#ई का मजा पार्ट 1

ये कहानी एक ऐसी फैमिली की है जिसकी किस्मत कुछ अजीब है। हर एक शख्स बस रस चूसने और खुदाई के चक्रव्यूह में फंसा हुआ है। हर किसी के दिल में कुछ हसरतें हैं, कुछ एहसास हैं, कुछ भावनाएं हैं। कुछ लोग तो दिल की हसरतों को अपने दिल में ही दबा रख कर दिल ही दिल में उदास हो रहे हैं, तो कुछ लोग उन ही हसरतों को जाहिर करके बयां करके अपनी ही फैमिली में खुदाई का सुख ले रहे हैं।



मुझे ज्यादा एक्सपीरियंस नहीं है कहानी लिखने का, लेकिन फिर भी कोशिश कर रहा हूं कि आपका मनोरंजन कर सकूं ताकि अब लोग दिल लगा कर कहानी पढ़ सकें और साथ-साथ तेल लगा कर सेल्फी मारते हुए एंजॉय कर सकें। लड़कियों को भी खुली छूट है कि वो भी अपनी खाई को रगड़ सकती हैं या फिर मोमबत्ती, खीरा, मूली, गाजर, या फिर रबर लंबे खिलौने से खुद को संतुष्ट कर सकती हैं।

मैं कोशिश करूंगा कि ये कहानी पढ़ने में दिलचस्प हो और सेल्फी मारने के लिए मनोरंजक।

ये कहानी एक मिडिल क्लास फैमिली की है और इसके मुख्य किरदार इस प्रकार हैं...

DAD - अशोक कपूर, उम्र 43, बैंक में जॉब करते हैं, और फ्री टाइम में बैडमिंटन, क्रिकेट और जिम में कसरत करने का शौक रखते हैं। कॉलेज टाइम में भी अपनी कॉलेज की क्रिकेट टीम के कैप्टन थे। अपनी सेहत का बहुत ख्याल रखते हैं। हाइट 5'8, वेट करीब 72 से 80 किलो, रंग गोरा लेकिन इतना ज्यादा गोरा भी नहीं। दिखने में किसी नेवी या मिलिट्री के ऑफिसर लगते हैं।

MOM - सरिता कपूर, हाउसवाइफ हैं, ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं हैं, बहुत गरीब बाप की बेटी थीं। छोटी उम्र में ही शादी हो गई थी। घर का काम बहुत अच्छी तरह से जानती थीं। खाना बनाना उनकी हॉबी थी, और उस काम में बहुत माहिर भी थीं। पूरी फैमिली और रिश्तेदार उनके खाने की तारीफ करते हुए थकते नहीं थे। उम्र 40, रंग मिल्क जैसा गोरा, हाइट 5'2, वेट 48 से 56 किलो। सरिता थोड़ी मोटी थीं, ज्यादा मोटी नहीं बस भरे हुए शरीर की मालकिन थीं। उनके तरबूज बड़े, गोल और रसीले थे, और आम भी रसीले-मुलायम लगते थे।

विशाल कपूर - घर का बड़ा बेटा, आजकल मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर रहा है और साथ-साथ पार्ट टाइम जॉब। दिल्ली में रहता है और महीने में 2-4 दिन के लिए ही घर आता है। उम्र 22, हाइट 5'9, वेट 72 से 80। बाप की तरह ही फिट रहता है, जिम जाने का बहुत शौक रखता है। रंग गोरा है मिल्क जैसा, ब्राउन आंखें, दिखने में कश्मीरी लगता है। बाप का बहुत लाडला है।

शोभा कपूर - घर की बड़ी बेटी, अपने नाम की तरह है, बिल्कुल अपने घर की शोभा बढ़ाती है। उम्र 20, बीए सेकंड ईयर में है। बहुत चुलबुली है, मॉम और डैड दोनों की लाड़ली है। खूब मस्ती करती है घर में। रंग गोरा दूध जैसा, हाइट 5'3, वेट 40 से 45। आंखें बिल्कुल बड़े भाई जैसी हैं ब्राउन और साथ की होंठों के नीचे एक छोटा सा तिल है जो उसके चेहरे को चार चांद लगाता है और शोभा के चेहरे की शोभा बढ़ाता है। उसके संतरे गोल-मुलायम लगते थे।

सोनिया कपूर - घर की छोटी बेटी, बहुत नटखट है ये भी शोभा की तरह लेकिन शोभा बोटीक में भुआ का हाथ बटाती है लेकिन ये नवाबजादी तो एक कप चाय भी नहीं बना सकती, बाकी के काम तो दूर की बात है। उम्र 18, अभी +1 में पढ़ती है। रंग की गोरी है अपनी बड़ी सिस की तरह। हाइट भी सेम है लेकिन वेट थोड़ा कम है। क्योंकि शोभा जहां भरे हुए शरीर की है वही ये साहबजादी एकदम स्लिम है। और शोभा ज्यादातर सलवार सूट पहनती है वही सोनिया हमेशा जींस और टी-शर्ट। हर टाइम गुस्से में रहती है, छोटी-छोटी बात पर गुस्सा हो जाती है। हमेशा चिढ़ती रहती है, इसलिए खाना-पीना भी नहीं लगता इसको।

सनी कपूर - घर का सबसे छोटा बेटा, बहुत बड़ा तूफान है, हर टाइम मस्ती ही करता रहता है। ये सोनिया का जुड़वा है। हाइट 5'3, वेट 55 से 62। ये भी +1 में है और सोनिया के साथ सेम कॉलेज में है। बहुत जहां सोनिया अपने सिस शोभा जैसी गोरी-चिट्टी है वही ये साहिबजादे थोड़े सांवले रंग के हैं, इसलिए सोनिया इसको ब्लैकी बोलती है और ये गुस्सा करके उसके साथ झगड़ा करता है। ये जनाब पढ़ाई करने में बेहद कमजोर है और हर टाइम बस कंप्यूटर पर चैटिंग या वीडियोगेम खेलते हैं। फिर भी हमेशा पास जरूर होते रहते हैं लेकिन वो भी पूरे-पूरा नंबर से। मॉम का लाडला बेटा है ये।

गीता कपूर - ये किरदार अशोक की बहन है। शादी के 5 महीने बाद ही अपने पति से झगड़ा करके यहां आ गई थी। तब से यहां रहती है। अभी तो तलाक भी हो चुका है लेकिन दूसरी शादी के मूड में नहीं है ये महारानी। अपनी भाभी से बिल्कुल नहीं बनती, इसकी हर बात पर अपनी भाभी से लड़ती रहती है हमेशा लेकिन शोभा से बहुत बनती है इसकी। दोनों भुआ-भतीजी कम और दोस्त ज्यादा हैं। उम्र 38, हाइट में अपने भाई की तरह लंबी है करीब 5'7 और रंग भी सांवला लेकिन काला नहीं। बहुत ही ज्यादा सेक्सी है, अपनी फिगर का बहुत ध्यान रखती है। फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया हुआ है और अपना एक छोटा सा बोटीक चलाती है जहां शोभा भी उनकी हेल्प करती है। है तो 38 की लेकिन लगती है 25 या 27 की। भाई की लाड़ली है।

सुरिंदर - ये इस कहानी के अजीब किरदार हैं। रिश्ते में अशोक का साला है। सरिता का छोटा भाई। सरिता की शादी के 2 साल बाद ही सरिता का बाप मर गया था इसलिए सरिता और अशोक इसे अपने साथ अपने घर ले आए। पढ़ा-लिखा बिल्कुल नहीं है और न ही कोई काम करता है, लेकिन घर के थोड़ा-बहुत काम कर लेता है जैसे बाजार से सब्जी लेके आना, वॉशरूम के नल ठीक करना, गार्डन की सफाई करना। और एक सबसे बड़ा काम करते हैं चारसबाजी का। चारस के बहुत बड़े शौकीन हैं। उम्र 37, रंग सांवला यानी डार्क ब्राउन, हाइट में अपने जीजा जी से भी लंबा है करीब 6'2 इंच। किसी से घर में ज्यादा बात नहीं करता सिवा अपने बड़े भांजे विशाल और बहन-जीजा से थोड़ा डरता है और दूर-दूर ही रहता है उनसे क्योंकि वो हर वक्त काम करने को बोलते रहते हैं और बार-बार वेला होने का ताना भी मारते हैं। लेकिन फिर भी इज्जत बहुत करता है अपने जीजा की, हर बात मानता है उनकी।

अब कहानी शुरू करता हूं... दोस्तों ये कहानी काफी लंबी लिखने वाला हूं मैं इसलिए कहानी को अलग-अलग पार्ट में लिखूंगा और टाइम मिलने पर अपडेट करता रहूंगा। बस आप लोगों से रिक्वेस्ट है कि मुझे कमेंट्स जरूर करना ताकि कहानी लिखने की हिम्मत मिलती रहे और हो सके तो अपनी कीमती एडवाइस भी देते रहना ताकि अगर कुछ गलतियां हुई कहानी लिखने में तो आपकी एडवाइस के हिसाब से उन गलतियों को सुधार सकूं।


**पार्ट # 1**


सनी बाइक पर कॉलेज से घर आ रहा है सोनिया भी उसके साथ है  

अभी वो लोग अपने कॉलेज से बाहर ही निकले थे कि सोनिया की एक फ्रेंड ने  

उसको रुकने का इशारा किया। सोनिया ने भी सनी को बाइक रोकने के लिए  

बोला। सनी ने बाइक उसकी दोस्त के पास जाकर रोक दी। हाय कविता ,,हाय  

सोनिया,,,, क्या हुआ कविता यहां बाहर क्यों खड़ी हो सोनिया ने कविता से  

पूछा,,,  


कुछ नहीं यार मेरी एक्टिव पंक्चर हो गई है और यहां पास में  

कोई पंक्चर की शॉप भी नहीं है। मैंने भाई को फोन किया लेकिन वो  

ऑफिस में बिजी है। उसने बोला कि मैं एक्टिव कॉलेज में ही छोड़ दूं और  

रिक्शा पर घर चली जाऊं। पिछले 15 मिनट से यहां खड़ी हूं कोई रिक्शा  

भी नहीं आया। और गर्मी भी बहुत है।  



कोई बात नहीं तुम हमारे साथ आ जाओ हम तुमको घर तक छोड़ देते  

हैं और वैसे भी तुम्हारा घर मेरे घर के रास्ते में ही है। ओह थैंक्स  

सोनिया,,,  


इसमें थैंक्स की क्या बात हम कौन से अजनबी हैं हम दोनों तो दोस्त हैं  

और दोस्त को थैंक्स नहीं बोलते। तभी सनी बीच में बोल पड़ा.. थैंक्स तो ऐसे  

बोल रही है जैसे पहली बार हमारे साथ जा रही है। एक्टिवा लिए तो  

अभी 3-4 महीने ही हुए हैं पहले भी तो अपने साथ ही आती जाती थी। चल  

बैठ जा चुप चाप। बड़ी आई थैंक्स वाली.. और हंसने लगा..  


सोनिया,,, चुप कर बेवकूफ खबरदार जो मेरी दोस्त को कुछ बोला  

। सनी,,,, ओके बाबा सॉरी, सॉरी कविता जी.. कविता शर्मा जाती है और  

बोलती है नो सॉरी सनी जी... जैसे दोस्ती में थैंक्स नहीं बोला जाता वैसे  

ही सॉरी भी नहीं बोला जाता.. और तीनों हंसने लग जाते हैं.. तभी सोनिया  

थोड़ा आगे होती है और सनी को भी बाइक पर आगे होके कविता के लिए जगह  

बनाने को बोलती है। सनी भी आगे हो जाता है और सोनिया भी। कविता के लिए  

काफी सीट की जगह बन जाती है.. क्योंकि सोनिया ने जींस पहना हुआ है  

इसलिए वो बॉयज की तरह लेग्स क्रॉस करके बैठी हुई है.. कविता बाइक पर  

बैठ जाती है और सनी आगे बाइक चला शुरू कर देता है.. रास्ते में दोनों  

बातें करती रहती हैं और सनी अपनी मस्ती में बाइक चलाता रहता  

है,, करीब 20-25 मिनट बाद सनी कविता के घर के सामने बाइक रोक देता  

है,, कविता उतर जाती है और साथ में सोनिया भी,, तुम क्यों उतर गई पगली  

सोनिया,,, और सनी हंसने लगता है,,, चुप कर ब्लैकी .. मुझे थोड़ा काम  

है कविता के घर में हमने कॉलेज के कुछ नोट्स तैयार करने हैं। मुझसे  

अकेले नहीं होगा इसलिए कविता के साथ मिलकर बना लेती हूं। तुम घर जाओ  

मैं बाद में आ जाऊंगी.. मॉम को बोल देना मेरा खाना नहीं बनाए मैं खाना  

भी कविता के घर पर कर लूंगी और शाम को 6 बजे पापा के साथ घर आ  

जाऊंगी..  


अशोक का बैंक यहीं पास में है वो भी इसी रास्ते आता जाता है  



सनी बाइक आगे बढ़ा लेता है और घर की तरफ चल पड़ता है। घर  

पहुंचकर सनी बाइक रोकता है और अपने रूम की तरफ चला जाता है  

फिर रूम से फ्रेश होके बाहर आता है और मॉम को आवाज लगाकर बोलता है  

मॉम जल्दी से खाना बनाओ बहुत भूख लगी है लेकिन 2 मिनट तक मॉम के रूम  

से कोई आवाज नहीं आती तो वो उठकर अपनी मॉम के रूम की तरफ जाता है  

रूम का दरवाजा खुला हुआ है लेकिन अंदर कोई नहीं है। वो किचन की तरफ  

जाता है लेकिन वहां भी कोई नहीं है।  

आपको बता देता हूं कि घर में 4 रूम हैं जिनमें से 1 रूम अशोक और सरिता का है,,  

2nd रूम अशोक की सिस गीता का,, शोभा गीता के साथ रूम शेयर  

करती है.. और 3rd वाला रूम सनी और सोनिया का है.. और 4th रूम असल में  

रूम नहीं स्टोररूम है लेकिन वहां भी एक सिंगल बेड लगा हुआ है,,, जब  

विशाल दिल्ली से आता है 2-3 दिन के लिए तो उसी रूम में सोता है.. सभी  

रूम्स में अटैच बाथरूम है,,, सुरिंदर का कोई रूम नहीं है वो जहां  

जगह मिलती है सो जाता है,, कभी हॉल में कभी डाइनिंग रूम में ,, वैसे  

अक्सर वो स्टोर रूम में सोता है लेकिन जब विशाल आ जाता है तो वो कहीं  

भी सो जाता है। उसको रूम या बेड से नहीं नींद से मतलब है,,,, घर के  

2 रूम नीचे हैं और 2 रूम ऊपर 1st फ्लोर पर। अशोक और सरिता का रूम और  

साथ में स्टोररूम जहां सिंगल बेड लगा हुआ है वो नीचे है,, और 1st  

फ्लोर पर सनी सोनिया का रूम साथ में गीता का रूम है।  


सनी बहुत आवाज लगाता है लेकिन कोई जवाब नहीं आता। उसको पता है कि  

गीता भुआ अपने बुटीक में होती है वो रात को 7-8 बजे आती है। और  

शोभा दीदी भी कॉलेज से सीधा गीता भुआ की बुटीक पर चली जाती है  

और उनकी हेल्प करती है। और फ्री टाइम में अपनी स्टडी भी कर लेती  

है.. शोभा भी BA की स्टडी के साथ-2 फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर रही  

है और गीता उसकी हेल्प करती है उसमें..... और सुरिंदर मामा तो चरस  

पीके यहां वहां घूमते रहते हैं कभी घर की छत पर तो कभी बाहर  

गार्डन में। सनी सारे घर में मॉम को ढूंढता रहता है लेकिन मॉम का कोई  

आता पता नहीं है.. सनी बाहर गार्डन में जाता है और मामा जी को ढूंढने  

लग जाता है ताकि उनसे पूछ सके कि मॉम कहां गई हैं.. जब वो घर के  

पीछे बने गार्डन में जाता है तो वहां भी कोई नहीं , सनी घर की छत  

पर चला जाता है और देखता है वहां भी कोई नहीं है। सनी जैसे ही  

सीढ़ियों से नीचे आने लगता है उसको कुछ आवाज सुनाई देती है। जो छत  

पर बने एक स्टोररूम से आ रही होती है उस रूम में घर का फालतू  

कबाड़ का सामान पड़ा हुआ है। सनी को आवाज साफ सुनाई नहीं देती वो उस  

रूम की तरफ बढ़ता है और अंदर से आ रही आवाज को सुनने की कोशिश  

करता है। अंदर कोई हल्की हल्की आवाज में बातें कर रहा था और बीच  

बीच में बहुत हल्का हल्का चिल्ला भी रहा था। सनी ने दरवाजा खोलकर  

अंदर जाने की कोशिश की लेकिन रूम अंदर से लॉक था। सनी को बाहर से  

कुछ भी क्लियर सुनाई नहीं दे रहा था लेकिन सनी इस आवाज को सुनना चाहता  

था और देखना भी चाहता था कि ये आवाज के पीछे कौन है.. सनी को बड़ी  

अजीब सी बेचैनी हो रही थी और डर भी लग रहा था कि कहीं घर में  

कोई चोर तो नहीं घुस आया। अभी वो अकेला था अगर उसके मामा जी या डैड  

उसके साथ होते तो वो नहीं डरता। डर से ज्यादा सनी की बेचैनी थी क्योंकि  

वो आवाज उसको जानी पहचानी लग रही थी। सनी रूम के पिछली तरफ बनी  

हुई विंडो की तरफ गया तो देखा विंडो भी क्लोज थी लेकिन विंडो पुरानी  

होने की वजह से उसमें कई जगह पर छोटे छोटे होल बने हुए थे। सनी  

ने एक होल से अंदर देखने की कोशिश की तो कामयाब हो गया, पर जैसे ही  

उसने अंदर का नजारा देखा उसके पैरों तले से जमीन निकल गई वो गुम  

सुम हो गया। वो कुछ ऐसा देख रहा था जिसके बारे में वो कभी सोच भी  

नहीं सकता था,, अंदर उसकी मॉम एक पुरानी टेबल पर आगे की ओर झुकी हुई  

थी उसके ब्ला@#@ के बटन खुले हुए थे और साड़ी के साथ -2 पेटीकोट भी  

ऊपर पीठ तक उठा हुआ था और पैं@#@ नीचे घुटनों तक गिरी हुई थी  


अंदर बहुत अंधेरा था और जिस विंडो पर वो खड़ा हुआ था वहां  

से उसकी मॉम तो नजर आ रही थी लेकिन मॉम के साथ दूसरा शख्स कौन है ये  

देखने में सनी को मुश्किल हो रही थी लेकिन अपनी मॉम के हालत देखकर  

सनी इतना तो समझ गया था कि उसकी मॉम अंदर चु@#@ रही थी । वो शख्स  

उसकी मॉम के पीछे खड़ा हुआ था और अपना ल@#ंड मॉम की ग@#@ड में डालकर आगे  

पीछे कर रहा था। सनी ने देखा उसका ल@#ंड करीब 7' लंबा और 2' मोटा  

था उस ल@#ंड ने उसकी मॉम की ग@#@ड को फाड़ कर रखा हुआ था। लेकिन फिर भी  

उसकी मॉम उस शख्स को और तेज झटके मारने को बोल रही थी,,

आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ऐसे ही,  

आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह  हां मेरे राजा ऐसे ही ccchhooddo अपनी रानी को आह्ह्ह्ह्hhhh फाड़dddd kkkkaaarr rrrraakkhh ddoo मेरी gggaannnddd kkkkooooo हां ऐसे ही पूरी ssppeeddd sseee ccchhhooodddooo मुझे  


सनी ने पहली बार अपनी मॉम के मुंह से ऐसी बातें सुनी थी वो हैरान था कि जो औरत इतनी मासूम और भोली-भाली दिखती है वो चु@#@ते हुए ऐसी गंदी भाषा भी यूज कर सकती है और आज पहली बार ही उसने अपनी मॉम को नंगी देखा था,,,,, पूरी तरह से नहीं लेकिन उसकी मॉम लगभग नंगी ही थी अपनी मॉम का गोरा और नंगा बदन देखकर सनी को भी कुछ कुछ होने लगा उसकी मॉम के बड़े बड़े b@#@bs हवा में लटक रहे थे और हर एक झटके के साथ ऊपर नीचे हो रहे थे, वो आदमी b@#@bs को जानवर की तरह मसल भी रहा था और बीच बीच में उनको छोड़ कर अपने हाथों को मॉम की बड़ी ग@#@ड पर रख देता और जबरदस्त पकड़ बनाकर ल@#ंड पेलने की स्पीड तेज करता.. उसकी मॉम की हालत बहुत खराब थी लेकिन वो फिर भी बहुत एंजॉय कर रही थी उस बड़े मूसल ल@#ंड को अपनी ग@#@ड में लेकर, इधर सनी की भी हालत खराब होने लगी अपनी मॉम को देखकर उसके भी हाथ अपने आप अपने ल@#ंड पर चला गया उसने पैंट की जिप खोल कर ल@#ंड को बाहर निकाल लिया जो पहले से ही अपनी औकात में सिर उठाकर खड़ा हुआ था  


उसने अपने ल@#ंड की तुलना उस आदमी के ल@#ंड से की सनी का ल@#ंड 7' का था लेकिन मोटा उस ल@#ंड से ज्यादा था सनी ने अपने ल@#ंड को हाथ में लेकर मुठ मारनी शुरू कर दी उधर उसकी मॉम बड़े ल@#ंड से चु@#@ रही थी और इधर सनी अपनी मॉम के बड़े बड़े b@#@bs को देखकर मुठ मारने लगा मुठ मारते समय सनी को अपनी मॉम कुछ ज्यादा ही सेक्सी लगने लगी वो सोचने लगा काश उस आदमी की जगह वो अपनी मॉम की ग@#@ड मार रहा होता इधर उस आदमी ने अपनी स्पीड और तेज कर दी और इधर सनी का हाथ भी अपने ल@#ंड पर पूरी रफ्तार से चलने लगा,,  


उसकी मॉम की आवाज भी थोड़ी तेज होने लगी आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हhhhhhhhh oooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhh hhhhmmmmmmmmmmm लेकिन उसकी मॉम ज्यादा ऊंची आवाज नहीं कर रही थी वो ख्याल रख रही थी कि उसकी आवाज उस स्टोर रूम से बाहर नहीं जाए,, करीब 15-20 मिनट बाद उस आदमी ने उसकी मॉम की पीठ के कसके पकड़ा और तेज तेज आह्ह्ह्ह्हhhhhhhhh uhhhhhhhhhhhh करने लगा उसकी मॉम भी उस आदमी के साथ uuuuuuuuuhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh आह्ह्ह्ह्ह्ह्हhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh hhhmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm करने लगी और इधर सनी भी हाथ को तेज चलाने लगा कुछ ही देर में उस आदमी ने एक तेज आवाज के साथ पानी छोड़ दिया और उसकी मॉम की ग@#@ड को अपने पानी से भर दिया साथ ही उसकी मॉम ने भी पानी छोड़ दिया लेकिन अभी उस आदमी ने अपना ल@#ंड बाहर नहीं निकाला था वो 2 मिनट ऐसे ही रुका रहा जब उसने अपना ल@#ंड बाहर निकाला तो उसकी मॉम की ग@#@ड से बहुत सारा पानी निकला  


जिसमें उस आदमी का माल (sperm) मिला हुआ था उसने ल@#ंड निकाल कर उसकी मॉम के मुंह के पास कर दिया और उसकी मॉम ने ल@#ंड को अच्छी तरह चाट कर साफ कर दिया इधर सनी ने भी अपना पानी निकाल दिया और ल@#ंड को अपनी पैंट के अंदर कर लिया , रूम में उसकी मॉम भी अपने कपड़े ठीक करने लगी और उस आदमी ने भी अपना पजामा ठीक करके पहन लिया।  


सनी को पता था अब वो दोनों बाहर आएंगे इसलिए सनी विंडो से हट कर दूसरी तरफ चला गया और वाटर टैंक के पीछे जाकर छुप गया और दरवाजे की तरफ देखने लगा, 2 मिनट बाद रूम खुला और उसकी मॉम जल्दी से सीढ़ियां उतर कर नीचे चली गई लेकिन वो आदमी बाहर नहीं निकला सनी उसकी वेट करता रहा लेकिन वो बाहर नहीं आया, सनी 5-10 मिनट वही वेट करता रहा पर तब तक भी वो आदमी रूम से नहीं निकला तो सनी ने हिम्मत करके खुद आगे जाकर देखने की सोची, सनी बड़े हल्के कदमों से चलता हुआ रूम के दरवाजे के पास पहुंचा और अंदर देखने लगा अंदर देख कर सनी एकदम हैरान रह गया अंदर उसका बड़ा भाई विशाल था सनी की हालत तो ऐसी थी कि काटो तो खून न निकले सनी दंग रह गया कि उसका अपना भाई उसकी मॉम को अपनी मॉम को चोद रहा था, कुछ टाइम सनी ऐसे ही बेसुध खड़ा रहा फिर जैसे ही वो नीचे जाने के लिए आगे बढ़ा उसके भाई ने उसको देख लिया और आवाज लगा दी,,, तुम कब आए सनी,,,,,,,,  


मैं वो, मैं अभी आया हूं भैया, मैं वो कॉलेज से आया था भूख लगी तो मॉम के खाने के लिए बोलना था लेकिन मॉम नीचे नहीं थी तो उनको देखता हुआ ऊपर आ गया,, आप कब आए भैया,,  


मैं भी कुछ देर पहले ही आया हूं ऑफिस में 2 दिन की छुट्टी थी तो सोचा घर चला जाता हूं,,,,, मॉम कहां है भैया,,  


विशाल 2 मिनट चुप रहा और फिर बोला ,, मॉम तो नीचे है सनी अपने रूम में,, और विशाल भैया मेरे पास आ गए और हम दोनों नीचे की तरफ चल पड़े। नीचे पहुंच कर सनी ने देखा मॉम किचन में खाना बना रही थी सनी और विशाल को एक साथ ऊपर से नीचे आते देख कर वो थोड़ा डर गई थी, वो सोच रही थी कि सनी घर पर है लेकिन जब वो नीचे आई थी तो उसके रूम में देख कर आई थी तब तो सनी वहां नहीं था...  


आ गया मेरा बेटा कब आए तुम कॉलेज से सनी बेटा..  


मैं अभी आया हूं मॉम,, लेकिन मैंने तो तुमको आते नहीं देखा,,, मैं 2 मिनट पहले आया था मॉम आप यहां थीं ही नहीं मैंने आपके रूम में भी देखा था,, शायद मैं बाथरूम में थी उस टाइम बेटा, ओके मॉम, लेकिन मैं तो आपको देखता हुआ ऊपर छत पर चला गया था..  


तभी मॉम थोड़ा डर गई। कि जब वो ऊपर से नीचे आई थी तो सनी कहीं नजर नहीं आया था। कहीं उसने कुछ देख न लिया हो कहीं वो उस टाइम ऊपर छत पर न हो,,,,,, सनी बेटा मैंने जब देखा कि तेरे कॉलेज से आने का टाइम हो गया है लेकिन अभी तक तुम आए नहीं तो मुझे लगा कि तुम शायद आके अपने रूम में लेट गए होंगे इसलिए मैं तुम्हारे रूम में देखने गई थी तब तुम रूम में तो नहीं थे,,,,,  


सनी समझ गया था कि मॉम ऐसे क्यों पूछ रही है,,,, सनी ने जवाब दिया कि तब मैं वॉशरूम में फ्रेश हो रहा था मॉम,,,  


ओके बेटा अब तुम दोनों डाइनिंग टेबल पर बैठो मैं अभी खाना लगा देती हूं,, विशाल बोला मॉम मुझे भूख नहीं है मैं सफर से थक गया हूं आप लोग खाना खा लो मैं आराम करने जा रहा हूं... मैंने सोचा इतनी दमदार चु@#@ई की है थकान तो होगी ही।  


मॉम बोली ठीक है बेटा तुम आराम कर लो मैं सनी को खाना खिला देती हूं,, अगर कुछ चाहिए होगा तो मुझे बुला लेना,, मैंने दिल में सोचा अभी तो इतनी जबरदस्त ग@#@ड का मजा लेके आया है अब और क्या चाहिए उसको,, फिर मैं जाकर डाइनिंग टेबल पर बैठ गया और मॉम ने खाना लगा दिया और वापस किचन में जाने लगी तो मैं बोला कहां जा रही हो मॉम,, कुछ नहीं बेटा तेरे भाई के पास जा रही हूं बेचारा सफर से थक गया है ,, देखूं कहीं कुछ चाहिए तो नहीं उसको,, मैंने कहा मॉम जब देखो भैया की टेंशन लेती रहती हो कभी हमें भी इतना प्यार कर लिया करो,, तभी मॉम हंसने लगी और मेरे पास आके मुझे गले से लगा लिया,, मैं चेयर पर बैठा हुआ था और मॉम खड़ी हुई थी इसलिए मेरा सिर मॉम के b@#@bs के बीच में दब गया था  


तभी मेरे ल@#ंड ने औकात में आना शुरू कर दिया मॉम ने कुछ देर के लिए ही मुझे अपनी बाहों में भरा था  


पर मेरे ल@#ंड को औकात में आने के लिए इतना टाइम काफी था,,, फिर मॉम ने मुझे खाना खाने को बोला और खुद दूध का ग्लास लेकर भाई के रूम में चली गई,, मुझे लगा कि शायद अब वो लोग रूम में भी कुछ न कुछ करेंगे लेकिन दूध का ग्लास देकर मॉम बाहर आ गई और अपने रूम में चली गई,, जाते जाते मुझे बोलने लगी कि बेटा सोनिया कहां है,, मैंने बोला कि मॉम वो कविता के घर पर रुक गई थी उन दोनों को कुछ नोट्स तैयार करने थे उसने बोला था कि उसका खाना मत बनाना वो कविता के घर ही खा लेगी,, ठीक है बेटा अब मैं आराम करने लगी हूं अगर कुछ चाहिए होगा तो आवाज लगा देना,,, मैंने दिल में सोचा कि मुझे भी वही चाहिए मॉम जो अभी कुछ देर पहले आप भाई को दे रही थी.. मॉम रूम में चली गई और मैं खाना खाने लगा,, लेकिन मेरा दिल नहीं कर रहा था कुछ खाने को,, मेरे दिमाग में वही स्टोररूम वाला सीन घूम रहा था जब मॉम टेबल पर झुकी हुई थी और भाई उनकी ग@#@ड मार रहा था,, मुझे गुस्सा भी आ रहा था और हैरानी भी हो रही थी,, मैं सोच रहा था कहीं वो सब सपना तो नहीं था,, नहीं वो सपना नहीं था यही देखने के लिए मैंने खाना बीच में छोड़ा और ऊपर छत की तरफ चला गया छत पर जाकर मैं जब स्टोर रूम में गया तो देखा वहां जमीन गीली थी मॉम का पानी और भाई का sperm वहां बिखरा हुआ था तभी मुझे किसी के ऊपर आने की आहट सुनाई दी, मैंने दरवाजे से हल्का सा बाहर होके देखा तो मॉम ऊपर आ रही थी और सीधा स्टोररूम की तरफ ही आ रही थी,, मैं जल्दी से एक पुरानी अलमारी के पीछे जाकर छुप गया और मॉम को देखने लगा,, मॉम अंदर आई और आके उसी जगह खड़ी हुई जहां वो कुछ देर पहले भाई से ग@#@ड मरवा रही थी, मॉम का ध्यान भी जमीन पर बिखरे हुए उसने पानी और भाई के sperm की तरफ था.. मॉम कुछ देर तो ऐसे ही उसको देखती रही.. शायद कुछ सोच रही थी फिर मॉम ने अपनी जीभ उस पड़े हुए पानी पर लगाई और उसे जीभ से चाटने लगी  


2 मिनट चाटने के बाद मॉम उठी और बाहर चली गई,, मैंने देखा यही मौका ठीक है यहां से भागने का,, बाहर जाकर देखा तो मॉम वाटर टैंक के पास लगे एक नल से पानी लेकर उस कपड़े को धो रही थी मॉम की पीठ मेरी तरफ थी मैं जल्दी से नीचे भाग गया और अपने रूम में जाकर लेट गया तभी 1 मिनट बाद मॉम भी नीचे आ गई मेरे रूम में,, मैं लेटा हुआ था,,,, मॉम ने पूछा क्या हुआ बेटा आज तूने खाना ठीक से नहीं खाया .. कुछ नहीं बस भूख नहीं थी मॉम,,, क्यों क्या हुआ?? पहले तो बड़ी भूख लगी थी तभी तो खाना खाने के लिए मुझे ढूंढ रहे थे तो अब क्या हुआ??? कुछ नहीं मॉम पहले भूख लगी थी अब नहीं लगी,,, तेरी तबीयत तो ठीक है ऐसे पूछते हुए मॉम मेरे पास आ गई और मेरे फोरहेड पर हाथ लगाकर देखने लगी कहीं मुझे बुखार तो नहीं मैं,, तेरा बदन तो ठीक है बेटा फिर एकदम से भूख कैसे मिट गई तेरी,,, पता नहीं मॉम,, चल ठीक है तू आराम कर ले मैं भी आज जरा थक गई हूं जाकर आराम करती हूं,,, मॉम उठकर मेरे रूम से बाहर चली गई ,, जब तक वो मेरे रूम से बाहर नहीं गई तब तक मैं उनकी बड़ी मोटी और मस्त ग@#@ड को देखता रहा  


आज तक कभी मैंने मॉम को इतना गौर से नहीं देखा था,, लेकिन अब तो मेरे मॉम की तरफ देखने का नजरिया ही बदल गया था,, मैं लेटा लेटा मॉम के बारे में और ऊपर वाले रूम की चु@#@ई के बारे में सोचने लगा  

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