दोपहर की तपती धूप में पूरा मोहल्ला सन्नाटे में डूबा हुआ था और गलियों में सन्नाटा पसरा था। आर्यन अपने कमरे में बैठा पढ़ रहा था कि तभी पड़ोस वाली सीमा भाभी का बुलावा आया, जिन्होंने खिड़की से उसे आवाज दी थी। सीमा भाभी के पति शहर से बाहर एक निजी कंपनी में काम करते थे और वह अक्सर हफ़्तों तक घर से बाहर रहते थे, जिस वजह से भाभी अक्सर अकेली रहती थीं। आज उनके घर का छत वाला पंखा अचानक खराब हो गया था और उन्होंने मदद मांगी थी। जब आर्यन उनके घर पहुँचा, तो सीमा भाभी ने एक बहुत ही ढीली और पारदर्शी रेशमी नाइटी पहनी हुई थी, जो उनके शरीर के हर उतार-चढ़ाव को साफ बयां कर रही थी। उनकी खूबसूरती और उस घर के एकांत ने आर्यन के दिल की धड़कन को अचानक से बहुत तेज़ बढ़ा दिया था।
सीमा भाभी की काया किसी प्राचीन मूर्ति की तरह बहुत ही सलीके से तराशी हुई मालूम पड़ती थी। उनकी नाइटी के पतले और मखमली कपड़े से उनके गोल, सुडौल और भारी तरबूज साफ झलक रहे थे, जिन पर छोटे-छोटे मटर के दाने साफ उभरे हुए महसूस हो रहे थे। जब वह पंखे की खराबी की ओर इशारा करने के लिए अपने दोनों हाथ ऊपर की ओर उठीं, तो उनकी छोटी नाइटी थोड़ी और ऊपर खिसक गई। इससे उनके गोरे, मांसल और बहुत ही चिकने पिछवाड़े का एक बड़ा हिस्सा नजर आने लगा जिसे देखकर आर्यन की धड़कनें रुक सी गईं। आर्यन की प्यासी नजरें उनके उन उभारों पर जम सी गई थीं और उसके जवान शरीर के भीतर एक अनजानी और तीव्र उत्तेजना का संचार होने लगा था।
आर्यन ने मेज पर चढ़कर पंखा ठीक करने की कोशिश की, लेकिन उसका सारा ध्यान बार-बार नीचे खड़ी सीमा भाभी की झुकती हुई कमर और उनके तरबूजों की गहरी घाटी पर जा रहा था। सीमा भाभी को भी शायद इस बात का अहसास हो गया था कि आर्यन उन्हें किन नजरों से देख रहा है, क्योंकि उनकी नजरें भी झुकी हुई थीं। वह आर्यन के बहुत ही करीब खड़ी थीं, इतनी करीब कि उनकी गर्म सांसों की महक और उनके बदन की मदहोश करने वाली खुशबू आर्यन के नथुनों में सीधे समा रही थी। उनके बीच एक अजीब सी कामुक कशमकश और चुंबकीय खिंचाव पैदा हो रहा था, जो धीरे-धीरे सामाजिक मर्यादा की हर एक सीमाओं को लांघने के लिए पूरी तरह से बेताब था।
अचानक काम करते हुए आर्यन का हाथ गलती से सीमा भाभी के कंधे और कमर के बीच के हिस्से से जोर से छू गया। सीमा भाभी इस अचानक हुए स्पर्श से जरा भी नहीं चौंकी, बल्कि उन्होंने धीरे से अपनी नशीली आँखें मूंद लीं और उनके गले से एक बहुत ही गहरी और मीठी आह निकली। आर्यन ने अब और इंतजार नहीं किया और पूरा साहस जुटाकर अपना कांपता हुआ हाथ उनकी पतली और लचीली कमर पर मजबूती से रख दिया। भाभी ने धीरे से मुड़कर सीधे आर्यन की भूखी आँखों में देखा, जिनमें बरसों की प्यास साफ झलक रही थी। उन्होंने अपनी कोमल बाँहें आर्यन के गले में डाल दीं और उसे अपनी ओर बहुत जोर से खींच लिया। उनके गरम होंठ एक-दूसरे के बेहद करीब थे।
आर्यन ने धीरे से अपने कांपते हुए होंठ उनके रसीले होठों पर रख दिए और उन्हें पागलों की तरह चूसने लगा। यह स्पर्श बहुत ही कोमल, गहरा और भावनाओं से पूरी तरह भरा हुआ था जो दोनों के दिलों को दहला रहा था। सीमा भाभी ने अपने हाथों से आर्यन के घने बालों को सहलाना शुरू किया और उसकी पीठ को सहलाने लगीं। तभी आर्यन का हाथ धीरे-धीरे नीचे की ओर फिसला और उन्होंने भाभी के उन रसीले और भारी तरबूजों को अपनी बड़ी हथेलियों में पूरी तरह से भर लिया। भाभी के मुँह से एक मदहोश कर देने वाली लंबी सिसकी निकली। आर्यन ने उनके सख्त मटरों को अपनी उंगलियों से धीरे-धीरे सहलाया और दबाया, जिससे भाभी का पूरा गोरा शरीर थरथराने लगा।
अब घर का माहौल पूरी तरह से कामुकता के चरम पर पहुँच चुका था और दोनों के नियंत्रण से बाहर था। आर्यन ने अपनी पैंट की जिप को झटके से खोला और उसका धधकता हुआ गरमा-गरम खीरा बाहर निकल आया, जो अपनी पूरी लंबाई और कठोर मोटाई के साथ तना हुआ था। सीमा भाभी ने जब उस विशाल और फन फैलाए खीरे को अपनी आँखों से देखा, तो उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक और हैरानी आ गई। उन्होंने बिना कहे नीचे झुककर उस तने हुए खीरे को अपने मुलायम मुँह में ले लिया और उसे बड़े ही चाव से एक लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं। आर्यन को ऐसा महसूस हो रहा था जैसे वह सीधे स्वर्ग के द्वार पर खड़ा हो।
भाभी ने अपनी रेशमी नाइटी को शरीर से अलग कर नीचे फर्श पर उतार फेंकी और अब वह पूरी तरह से निर्वस्त्र और नग्न थीं। उनकी रेशमी और घने बालों वाली खाई अब आर्यन के बिल्कुल सामने थी, जो पूरी तरह से गीली, लिसलिसी और रसीली हो चुकी थी। आर्यन ने अपनी उंगलियों को उस तंग खाई में डाला और गहराई से खोदना शुरू किया, जिससे भाभी की कमर कमान की तरह ऊपर की ओर उठने लगी। खाई के चारों ओर के बाल बहुत ही रेशमी और गीले थे। आर्यन ने झुककर अपनी गर्म जुबान से उनकी उस गुलाबी खाई को चाटना शुरू किया। भाभी अब बर्दाश्त नहीं कर पा रही थीं और जोर-जोर से कराहने लगी थीं।
अब बर्दाश्त की सभी हदें पूरी तरह से खत्म हो चुकी थीं और जिस्म की आग भड़क उठी थी। आर्यन ने सीमा भाभी को पकड़कर पास के बिस्तर पर चित लेटाया और उनके दोनों गोरे पैरों को चौड़ा फैलाकर उनके सामने घुटनों के बल बैठ गया। उसने अपने लोहे जैसे सख्त खीरे को उनकी रसीली और बहुत ही तंग खाई के मुहाने पर टिकाया और कमर से एक जोरदार धक्का दिया। खीरा आधा गहराई तक अंदर समा गया और भाभी ने जोर से आर्यन के मजबूत कंधे को अपने नाखूनों से पकड़ लिया। आर्यन ने एक और बहुत ही गहरा और तेज धक्का दिया और उसका पूरा खीरा भाभी की खाई की अंतिम गहराई तक समा गया।
आर्यन ने अब पूरी ताकत और लय के साथ भाभी की गहरी खुदाई जारी रखी। वह कभी भाभी को सीधे लिटाकर सामने से खोदता, तो कभी भाभी को बिस्तर पर झुकाकर उनके उभरे हुए पिछवाड़े से खोदने लगता। भाभी की तेज सिसकियां, उनकी मदहोश कर देने वाली आवाजें और उनके तरबूजों का हर धक्के पर बुरी तरह हिलना आर्यन के जोश को और भी ज्यादा बढ़ा रहा था। काफी देर तक इस घमासान और जबरदस्त खुदाई के बाद, दोनों के शरीर पसीने से पूरी तरह तरबतर हो चुके थे। अचानक आर्यन को महसूस हुआ कि उसके भीतर का बांध टूटने वाला है और उसका गरम रस अब निकलने ही वाला है।
उसने अपनी खुदाई की गति को और भी ज्यादा बढ़ा दिया और भाभी की खाई की गहराई में अपना सारा गाढ़ा और गरम रस छोड़ दिया। उसी पल सीमा भाभी का भी रस पूरी तरह से निकल गया और उनका शरीर कुछ देर कांपने के बाद बिल्कुल ढीला पड़ गया। खुदाई खत्म होने के बाद दोनों एक-दूसरे की बाँहों में पसीने से लथपथ लिपटे हुए थे। आर्यन का सिर अभी भी भाभी के उन नरम तरबूजों के बीच दबा हुआ था और वह धीरे-धीरे अपनी सांसें काबू में करने की कोशिश कर रहे थे। सीमा भाभी के चेहरे पर बरसों बाद एक अजीब सा रूहानी सुकून और शारीरिक संतोष साफ दिखाई दे रहा था।